Shayari:
अब फर्क नहीं पड़ता तू किसके साथ है, क्योंकि मैं अब तुझे याद भी नहीं करता। तेरे झूठ से टूटा था मैं कभी, अब सच भी कह दे, तो भरोसा नहीं करता।
शब्द कम थे, एहसास बहुत थे, दिल में छुपे कुछ राज़ बहुत थे। वो पूछते रहे हाल मेरे मुस्कुरा कर, और हम थे कि खामोशियों में भी आवाज़ बहुत थे।...
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