#KaushikNiShayri #AdhuriMohabbat #HindiShayari #Khamoshi #DilKiBaat #Jazbaat
Shayari:
CopyEditअब फर्क नहीं पड़ता तू किसके साथ है, क्योंकि मैं अब तुझे याद भी नहीं करता। तेरे झूठ से टूटा था मैं कभी, अब सच भी कह दे, तो भरोसा नहीं करता।
अब फर्क नहीं पड़ता तू किसके साथ है, क्योंकि मैं अब तुझे याद भी नहीं करता। तेरे झूठ से टूटा था मैं कभी, अब सच भी कह दे, तो भरोसा नहीं करता।
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