शब्द कम थे, एहसास बहुत थे,
दिल में छुपे कुछ राज़ बहुत थे।वो पूछते रहे हाल मेरे मुस्कुरा कर,
और हम थे कि खामोशियों में भी आवाज़ बहुत थे। ✨
शब्द कम थे, एहसास बहुत थे, दिल में छुपे कुछ राज़ बहुत थे। वो पूछते रहे हाल मेरे मुस्कुरा कर, और हम थे कि खामोशियों में भी आवाज़ बहुत थे।...
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