जब ख़ामोशी सबसे बड़ा जवाब बन जाए...

अब ना कोई शिकवा है, ना कोई सवाल बाक़ी है,  

तेरे दिए हर जवाब ने मुझे ख़ामोश कर दिया है।


बोलते–बोलते थक गया था दिल,  

अब बस ख़ामोशी ही रह गई है मेरी जुबां पर।

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खामोशियों की गहराई

 शब्द कम थे, एहसास बहुत थे, दिल में छुपे कुछ राज़ बहुत थे। वो पूछते रहे हाल मेरे मुस्कुरा कर, और हम थे कि खामोशियों में भी आवाज़ बहुत थे।...