यादें भी चमक उठती हैं।

 

👋 नमस्कार दोस्तों,

हर सुबह जब सूरज उगता है,
तो साथ ही कुछ यादें भी चमक उठती हैं।
आज की सुबह उन लम्हों के नाम…
जो कभी आँखों से नहीं,
बस दिल से महसूस किए गए।




No comments:

Post a Comment

खामोशियों की गहराई

 शब्द कम थे, एहसास बहुत थे, दिल में छुपे कुछ राज़ बहुत थे। वो पूछते रहे हाल मेरे मुस्कुरा कर, और हम थे कि खामोशियों में भी आवाज़ बहुत थे।...