भीगती खिड़कियाँ और दिल की तन्हाई”

नमस्कार दोस्तों,

कहते हैं बारिश सब कुछ धो देती है...
पर कुछ यादें, कुछ जज़्बात — वो सिर्फ भीगते हैं, मिटते नहीं।



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उम्मीद और सवेरा