दूरी जब दिलों में बस जाए, तब हर पास बैठा इंसान भी अजनबी सा लगता है…
Shayari:
हर रात तेरी यादों से उलझता हूँ,
तेरी हर बात से खुद को बहलाता हूँ।
काश तू पास होता, बस एक पल को,
शायद खुद को थोड़ा कम तन्हा पाता हूँ।
शब्द कम थे, एहसास बहुत थे, दिल में छुपे कुछ राज़ बहुत थे। वो पूछते रहे हाल मेरे मुस्कुरा कर, और हम थे कि खामोशियों में भी आवाज़ बहुत थे।...
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