जब जवाब न मिले, तो ख़ामोशियाँ भी बोलने लगती हैं – Khud Se Baat Shayari | Kaushik Ni Shayri


 

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खामोशियों की गहराई

 शब्द कम थे, एहसास बहुत थे, दिल में छुपे कुछ राज़ बहुत थे। वो पूछते रहे हाल मेरे मुस्कुरा कर, और हम थे कि खामोशियों में भी आवाज़ बहुत थे।...