कुछ कह न सके, बस सुनते रहे…

👋 नमस्कार दोस्तों,


कभी-कभी कुछ रिश्ते बस ख़ामोशियों में ही रह जाते हैं —  

ना पूरी मोहब्बत हो पाती है, ना पूरी जुदाई।


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🖋️ **आज की शायरी:**  


**"कुछ कह न सके, बस सुनते रहे,  

तेरी हर बात को आँखों से पढ़ते रहे।  

तू इज़हार करता रहा खामोशियों से,  

और हम ताउम्र तुझे समझते रहे..."**


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शायद मोहब्बत की सबसे सच्ची तस्वीर वही होती है,  

जो लफ़्ज़ों में नहीं... लेकिन दिल में पूरी हो जाती है।


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**— Kaushik Ni Shayri**


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